ऐलेक्जेंड्रिया का रोशनीघर: वह “दूसरा सूरज” जिसने 1,600 साल तक समुद्र को रोशन किया और जिसका नाम आज भी दुनिया की हर भाषा में जीवित है
प्राचीन विश्व के सात अजूबों में वह अंतिम और सबसे व्यावहारिक अजूबा जो केवल भव्यता का प्रतीक नहीं था बल्कि हजारों नाविकों की जान बचाने वाला एक जीवंत स्तंभ था, जिसने "फारोस" शब्द को दुनिया…